FPV Drone Power: FPV ड्रोन जिसने उधेड़ दी रूस की बखियां,’ऑपरेशन स्पाइडर वेब’ को बनाया सफल

Fpv Drone Power:

FPV Drone Power: यूक्रेन-रूस युद्ध में तकनीक अब निर्णायक भूमिका निभा रही है. हाल ही में इस युद्ध का एक नया और चौंकाने वाला अध्याय तब जुड़ा, जब यूक्रेन ने रूस के एक अहम एयरबेस पर FPV ड्रोन की मदद से बड़ा हमला किया. इस हमले में रूस के करीब 40 सैन्य विमान पूरी तरह तबाह हो गए. यूक्रेन ने इस विशेष सैन्य ऑपरेशन को नाम दिया ‘ऑपरेशन स्पाइडर वेब’, जिसकी योजना राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुताबिक पिछले 18 महीनों से तैयार की जा रही थी. इस हमले की खास बात यह रही कि इसमें पूरी तरह FPV (First-Person View) ड्रोन का उपयोग किया गया, जो इस समय आधुनिक युद्ध की परिभाषा को बदल रहे हैं.

FPV ड्रोन: आधुनिक युद्ध का ‘गेमचेंजर’ हथियार

FPV ड्रोन पारंपरिक ड्रोन से अलग होते हैं. इनमें एक कैमरा लगा होता है जो ऑपरेटर को ‘पहले व्यक्ति की नजर’ से लाइव वीडियो फीड देता है. इसका मतलब है कि ड्रोन ऑपरेटर सटीक रूप से देख सकता है कि ड्रोन कहां उड़ रहा है, किसे टारगेट कर रहा है और कब वार करना है.
इसके मुकाबले पारंपरिक ड्रोन में यह सुविधा नहीं होती, जिससे उनके लक्ष्य से भटकने की संभावना ज्यादा रहती है. FPV ड्रोन को रिमोट से भी कंट्रोल किया जा सकता है और लाइव फीड के ज़रिए शत-प्रतिशत सटीकता हासिल की जा सकती है.

कम लागत, जबरदस्त मारक क्षमता

‘ऑपरेशन स्पाइडर वेब’ में इन ड्रोन को रूस के एयरबेस के पास लकड़ी के शेड में छिपा कर रखा गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस को इस हमले की भनक तक नहीं लगी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है कि इन FPV ड्रोन की रेंज भले ही सीमित हो, लेकिन ये इतने सटीक होते हैं कि ट्रैक करना बेहद मुश्किल है. सबसे खास बात है इनकी कीमत एक विस्फोटक से लैस FPV ड्रोन की लागत मात्र $500 (लगभग ₹42,000) है, जो पारंपरिक हथियारों के मुकाबले कहीं ज्यादा किफायती और प्रभावशाली है.

कैसे कर रहा है यूक्रेन इनका इस्तेमाल?

यूक्रेन ने इन FPV ड्रोन का उपयोग केवल निगरानी के लिए नहीं, बल्कि सीधे आक्रमण के लिए किया है. यूक्रेनी सैनिक इन्हें रूसी टैंकों, सैन्य वाहनों और एयरबेस पर निशाना साधने के लिए उपयोग कर रहे हैं. NATO के एक अधिकारी के अनुसार, यूक्रेन द्वारा तबाह किए गए दो-तिहाई रूसी टैंकों में FPV ड्रोन की भूमिका प्रमुख रही है. ‘ऑपरेशन स्पाइडर वेब’ के ज़रिए यूक्रेन ने रूस के गढ़ में घुसकर उसकी वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचाया है.

FPV ड्रोन कौन बना रहा है?

इस क्षेत्र में यूक्रेन ने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है. देश की सरकार और निजी कंपनियां मिलकर हजारों की संख्या में ये ड्रोन बना रही हैं. यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने साल 2025 में 4.5 मिलियन FPV ड्रोन खरीदने की योजना बनाई है, जिसके लिए $2.6 बिलियन (करीब 21,000 करोड़ रुपये) का बजट रखा गया है. इस समय TAF ड्रोन जैसी प्रमुख कंपनियां हर महीने हजारों की संख्या में FPV ड्रोन बना रही हैं, जिससे यूक्रेन के पास लगातार एक मजबूत और सस्ते हथियार की सप्लाई बनी हुई है.

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  • Akash Singh

    पत्रकारिता के इस क्षेत्र में पांच सालों में काफी कुछ सीखने मिला. खबरों को सटीक और सरलता से समझने का हुनर. राजनीति करने का नहीं लिखने का शौक. निरंतर नई चीजें सीखने का प्रयास और उसपर अमल करना यह सिलसिला यूं ही आगे भी चलता रहेगा.

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