Covid 19: इन राज्यों में पांव फैला रहा कोरोना, अब तक इतने मामले दर्ज; जानें बचने के उपाय

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Covid 19: अगर आप भी सोच रहे हैं कि कोविड अब पूरी तरह चला गया है, तो रुकिए. हाल ही में सिंगापुर, हांगकांग और अब भारत में कोविड-19 के मामले फिर से सामने आने लगे हैं. हालांकि स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे हल्के में न लेने की सलाह दे रहे हैं. तो चलिए जानते हैं. भारत में क्या है ताज़ा हालात, नया वैरिएंट JN.1 कैसा है, और आपको कौन सी सावधानियां रखनी चाहिए?

भारत में कोविड (Covid 19) की मौजूदा तस्वीर

  • भारत में 257 सक्रिय कोविड-19 (Covid 19) मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से ज़्यादातर केस तीन राज्यों से हैं:
  • केरल – 95 केस
  • तमिलनाडु – 66 केस
  • महाराष्ट्र – 56 केस

इसके अलावा दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात और कुछ अन्य राज्यों से भी मामूली संख्या में केस रिपोर्ट हुए हैं. 12 मई के बाद सिर्फ एक दिन में 164 नए मामले दर्ज किए गए, जिससे साफ है कि वायरस अभी गया नहीं है.

क्यों लौट रहा है कोविड?

इम्युनिटी का धीरे-धीरे कम होना – टीका लगवाने या संक्रमित होने के बाद जो एंटीबॉडी बनती हैं, वो समय के साथ कमजोर हो जाती हैं. इसे इम्युनिटी वैनिंग कहा जाता है. अंतरराष्ट्रीय यात्राएं – देश-विदेश में घूमने-फिरने से नए वैरिएंट्स का फैलाव हो सकता है.

JN.1 वैरिएंट: लक्षण और असर

  • नया वैरिएंट JN.1 ज़्यादातर मामलों में हल्के लक्षण पैदा कर रहा है, जैसे:
  • बुखार और जुकाम
  • गले में खराश
  • सिरदर्द और थकावट
  • शरीर में हल्की पीड़ा

कुछ मामलों में पेट खराब होना. लक्षण 4-5 दिन में ठीक हो जाते हैं और अब तक कोई गंभीर लक्षण या मौत की खबर नहीं है. जिन लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, उनमें रिस्क और भी कम है.

कैसे रखें खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित?

भीड़भाड़ में मास्क जरूर पहनें, खासकर जब आप बीमार हों, नियमित रूप से हाथ धोना न भूलें, अगर किसी को संक्रमण के लक्षण हों, तो घर पर ही आराम करें और दूसरों से दूरी बनाएं, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के संपर्क में सावधानी बरतें, टीकाकरण पूरा करवाएं और बूस्टर डोज़ की जानकारी रखें

क्या कोविड अब आम फ्लू जैसा हो गया है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 अब एक मौसमी बीमारी की तरह उभर सकता है — जैसे हर साल फ्लू आता है. हालांकि यह अब पहले जैसा खतरनाक नहीं रहा, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है क्योंकि वायरस बार-बार रूप बदल सकता है.

अंत में एक सलाह: घबराएं नहीं, जागरूक रहें.

कोविड का नाम सुनते ही घबराना अब ज़रूरी नहीं. लेकिन लापरवाही करना भी समझदारी नहीं होगी. थोड़ी सी सावधानी, थोड़ा सा जागरूक रहना, और दूसरों का भी ख्याल रखना. यही आज की ज़रूरत है.

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Author

  • Akash Singh

    पत्रकारिता के इस क्षेत्र में पांच सालों में काफी कुछ सीखने मिला. खबरों को सटीक और सरलता से समझने का हुनर. राजनीति करने का नहीं लिखने का शौक. निरंतर नई चीजें सीखने का प्रयास और उसपर अमल करना यह सिलसिला यूं ही आगे भी चलता रहेगा.

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