राहत फतेह अली खान, फवाद खान, आतिफ असलम के इंस्टाग्राम अकाउंट्स भी भारत में बैन

राहत फतेह अली खान, फवाद खान, आतिफ असलम के इंस्टाग्राम अकाउंट्स भी भारत में बैन

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिर्फ सीमा पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल मोर्चे पर भी पलटवार शुरू कर दिया है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से 25 पर्यटक थे। यह हमला 2008 के मुंबई हमलों के बाद सबसे घातक माना जा रहा है।

🚫 इंस्टाग्राम पर फवाद, राहत और आतिफ भी हुए ब्लॉक

पहले हानिया आमिर, माहिरा खान और अली जफर जैसे पाकिस्तानी कलाकारों के अकाउंट्स पर पाबंदियां लगी थीं। अब इस फेहरिस्त में फवाद खान, आतिफ असलम और राहत फतेह अली खान के नाम भी जुड़ गए हैं।

भारतीय यूजर्स जब इनका इंस्टाग्राम प्रोफाइल खोलते हैं, तो एक मैसेज दिखता है:

“यह अकाउंट भारत में उपलब्ध नहीं है। हमने इस सामग्री को प्रतिबंधित करने के लिए कानूनी अनुरोध का पालन किया है।”

💔 कोक स्टूडियो प्रेमियों में मायूसी

इन कलाकारों के इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर रोक लगने के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। कई म्यूजिक लवर्स ने चिंता जताई कि अब कोक स्टूडियो पाकिस्तान की झलक भारत में शायद ही मिले। आतिफ और राहत की आवाज़, जो सालों से भारतीय दिलों में बसती रही है, अब डिजिटल रूप से भारत से मिटा दी गई है।

🎭 टीवी और ओटीटी के सितारे भी आए चपेट में

इन तीन नामों के अलावा भारत में और कई पॉपुलर पाकिस्तानी एक्टर्स के अकाउंट्स भी ब्लॉक कर दिए गए हैं। इनमें संम सईद, सजल अली, बिलाल अब्बास, इकरा अजीज और इमरान अब्बास जैसे चेहरे शामिल हैं, जो भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी लोकप्रिय थे।

📺 अब यूट्यूब चैनल्स पर चला सेंसर का हथौड़ा

सिर्फ इंस्टाग्राम ही नहीं, सरकार ने 16 पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों को भी भारत में ब्लॉक कर दिया है। इनमें डॉन न्यूज, जियो न्यूज, एआरवाई और समा टीवी जैसे बड़े मीडिया नेटवर्क भी शामिल हैं। सरकार का आरोप है कि ये चैनल “उत्तेजक और भारत विरोधी गलत जानकारी” फैला रहे थे और सांप्रदायिक तनाव भड़का सकते थे

🎬 ‘अबीर गुलाल’ की रिलीज पर रोक, फवाद-वाणी की जोड़ी अधर में

डिजिटल पाबंदियां अब बॉलीवुड तक पहुंच गई हैं। फवाद खान और वाणी कपूर की बहुप्रतीक्षित इंडो-पाक फिल्म ‘अबीर गुलाल’ की भारत में रिलीज रोक दी गई है। यह फिल्म 9 मई को रिलीज़ होने वाली थी, लेकिन बढ़ती जनभावनाओं और सरकारी सख्ती के चलते इसे अब टाल दिया गया है।

🛑 सांस्कृतिक कटौती या सुरक्षा की मजबूरी?

कई फैंस इस फैसले से नाराज़ हैं, खासकर वो जो राहत और आतिफ के गानों के दीवाने हैं। मगर जानकारों का मानना है कि यह कदम सिर्फ भावनात्मक नहीं, रणनीतिक भी है। भारत की तरफ से यह स्पष्ट संदेश है — जब देश पर हमला होगा, तो उसके सांस्कृतिक प्रभावों को भी सहन नहीं किया जाएगा।

📡 आने वाले दिनों में और सख्ती की आशंका

भले ही सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कोई आधिकारिक बयान न दिया हो, मगर जिस तरह से एक के बाद एक पाकिस्तानी मीडिया और कलाकारों पर बैन लगाया जा रहा है, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि भारत अब “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपना रहा है।

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  • Aaj Ki Baat Desk

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