India Pakistan Ceasefire: भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मध्यस्थता और संघर्ष को थामने का श्रेय लेने की कोशिशों पर अब अमेरिकी सांसद श्री थानेदार ने सवाल उठा दिए हैं. उनका कहना है कि ट्रंप की यह घोषणा राजनीतिक लाभ उठाने की एक चाल भर है, जिसकी कोई ठोस बुनियाद नहीं है. मुंबई मराठी पत्रकार संघ के एक कार्यक्रम में बोलते हुए थानेदार ने स्पष्ट किया कि भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के जवाब में एक प्राकृतिक और आवश्यक कदम था, और अमेरिका ने भी नई दिल्ली के रुख को पूरी तरह स्वीकार किया.
“ट्रंप सिर्फ श्रेय लेना चाहते थे”
थानेदार ने कहा, “भारत और पाकिस्तान अपने मसले खुद सुलझाने की काबिलियत रखते हैं. अमेरिका को किसी पक्ष ने मध्यस्थता के लिए आमंत्रित नहीं किया था. ट्रंप का बयान आधारहीन था और उनका उद्देश्य बस राजनीतिक लाभ उठाना था.”
जॉन बोल्टन की चुटकी: “ट्रंप को आदत है श्रेय लेने की”
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने भी ट्रंप के दावे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह भारत के खिलाफ कुछ नहीं था, लेकिन ट्रंप अक्सर हर मुद्दे का श्रेय खुद लेने की आदत रखते हैं. “यह ट्रंप की राजनीतिक शैली है. चाहे पीएम मोदी से बातचीत हो या अन्य नेताओं से संपर्क ट्रंप हर मोर्चे पर खुद को क्रेडिट देने में पीछे नहीं रहते.”
भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार
बोल्टन ने यह भी कहा कि भारत को अपने ऊपर हुए आतंकवादी हमलों के खिलाफ, पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करने का पूरा हक है. उन्होंने कहा कि “अगर कोई देश अपने इलाके में पनप रहे आतंकवाद को रोक पाने में असमर्थ है, तो साफ है कि वह या तो अक्षम है या फिर कहीं-न-कहीं उसका सहयोगी है.”
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