Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को फिर से संजीवनी देने और हालिया आतंकी हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक ऐतिहासिक घोषणा की है. 27 मई को पहलगाम में आयोजित टूर और ट्रैवल ऑपरेटरों की बैठक के दौरान सीएम ने बताया कि बैसरन में एक भव्य और सम्मानजनक स्मारक का निर्माण किया जाएगा, जो अप्रैल माह में मारे गए 26 निर्दोष लोगों की स्मृति को समर्पित होगा.
बैसरन में बनेगा स्थायी स्मृति स्थल
सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि यह स्मारक न केवल सुंदर और भव्य होगा, बल्कि यह श्रद्धा, शोक और एकजुटता का प्रतीक भी होगा. उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव पर पहले दिन से ही विचार चल रहा था और अब राज्य कैबिनेट ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को इस निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति दे दी है.
पर्यटन को पुनर्जीवित करने में टूर ऑपरेटरों की भूमिका सराहनीय
मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद टूर ऑपरेटरों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब खुद स्थानीय लोग भी बाहर निकलने से डरते थे, तब आपने कश्मीर में पर्यटन को फिर से खड़ा किया. उन्होंने 1990 के दशक की मिसाल देते हुए बताया कि कैसे कठिन समय के बावजूद देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक घाटी लौटे और यहां की अर्थव्यवस्था को संबल दिया.
स्मारक के साथ पर्यटन स्थलों को भी मिलेगी नई रफ्तार
उमर अब्दुल्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पर्यटक स्थलों को धीरे-धीरे और योजनाबद्ध तरीके से फिर से खोलेगी. उन्होंने कहा, “जो स्थल खुले हैं, उस पर ध्यान दें और धीरे-धीरे अन्य स्थान भी पर्यटकों के लिए खोले जाएंगे.” उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस प्रक्रिया में टूर ऑपरेटरों की सलाह और अनुभव को महत्व दिया जाएगा.
घरेलू पर्यटन से शुरू होगा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का रास्ता
सीएम ने कहा कि घाटी में जब घरेलू पर्यटक लौटते हैं, तभी विदेशी पर्यटक भी दोबारा आना शुरू करते हैं. “जब स्कूल के बच्चे और परिवार पिकनिक स्पॉट पर लौटते हैं, तो यह पहला संकेत होता है कि माहौल बदल रहा है.” उन्होंने विश्वास जताया कि एकजुटता और सहयोग से कश्मीर फिर से पर्यटकों की पहली पसंद बनेगा.
स्थानीय प्रतिनिधियों से संवाद और अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने पहलगाम के विधायक और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर क्षेत्र की आवश्यकताओं और समस्याओं को समझा. उन्होंने स्थानीय लोगों द्वारा आपदा के समय में दिखाए गए सहयोग की सराहना की और उसे ‘अनुकरणीय’ बताया. इसके साथ ही उन्होंने नुनवान बेस कैंप का दौरा कर आगामी अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का जायजा भी लिया.
साइकिल यात्रा के साथ दिया सतत पर्यटन का संदेश
अपनी यात्रा के अंत में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बेटाब वैली से होटल तक साइकिल यात्रा की, जिसमें उनके बेटे जहीर और जमीर भी शामिल हुए. यह पहल पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है.
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