NT Ramarao Birth Anniversary: भारतीय राजनीति में कई नेता अपनी अलग छवि के लिए जाने जाते हैं — कोई सादगी के लिए मशहूर है तो कोई अपने भाषणों के लिए. लेकिन नंदमुरी तारक रामाराव (NTR) एक ऐसे नेता थे जिनकी ज़िंदगी खुद में रहस्यों और विवादों की पूरी किताब थी. एक सुपरस्टार अभिनेता से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने तक का उनका सफर जितना प्रेरणादायक था, उतना ही चौंकाने वाला था उनका निजी जीवन.
NT Ramarao Birth Anniversary: ज्योतिषीय सलाह पर रात में पहनते थे महिला वस्त्र
राजनीति में आने के बाद NTR को लेकर एक अजीब खबर सामने आई — वे रात को महिलाओं के कपड़े पहनते थे. यह कोई अफवाह नहीं थी, बल्कि उन्होंने खुद इसकी पुष्टि की. इसके पीछे कारण था एक ज्योतिषी की सलाह, जिसने कहा था कि ऐसा करने से वे प्रधानमंत्री बन सकते हैं. हालांकि वो पद उन्हें नहीं मिला, पर यह आदत लंबे समय तक विवादों में रही.
धार्मिक फिल्मों से सुपरस्टार और फिर सीएम
NTR ने अपने करियर की शुरुआत तेलुगु सिनेमा से की थी. उन्होंने कई धार्मिक फिल्मों में भगवान के किरदार निभाए और दर्शकों के दिलों में जगह बनाई. इसके बाद उन्होंने राजनीति में एंट्री की और देखते ही देखते मुख्यमंत्री बन गए. उन्होंने जनता से सीधे संवाद करने के लिए ‘रथ यात्रा’ की शुरुआत की थी — जो बाद में भारत के कई नेताओं की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बन गया.
70 की उम्र में की दूसरी शादी NT Ramarao Birth Anniversary
1985 में पहली पत्नी बासव तारकम की मृत्यु के आठ साल बाद, 1993 में 70 साल की उम्र में, NTR ने लेखिका लक्ष्मी पार्वती से शादी की. यह शादी पूरे राज्य और पार्टी में हलचल का कारण बनी. उनके दामाद चंद्रबाबू नायडू समेत कई लोग लक्ष्मी पार्वती के प्रभाव से असहज थे. अंततः पार्टी में विद्रोह हुआ और NTR को सत्ता से हटना पड़ा.
ये प्रेम था या मजबूरी?
NTR और लक्ष्मी पार्वती के रिश्ते को लेकर अलग-अलग राय रही है. कुछ लोग इसे भावनात्मक समर्थन मानते हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक और व्यक्तिगत अकेलेपन में लिया गया निर्णय बताते हैं. लक्ष्मी पार्वती, जो NTR की जीवनी लिख रही थीं, धीरे-धीरे उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गईं.
रोज़ सुबह सूरज से पहले उठकर खाते थे खाना
NTR की एक और आदत बेहद अलग थी — वे सुबह बहुत जल्दी उठते थे और सूरज उगने से पहले ही भरपेट खाना खा लेते थे. उनकी पहली पत्नी इस आदत के अनुसार अपनी दिनचर्या तय करती थीं. यह अनुशासन उनके पूरे जीवन में दिखाई देता है.
साधारण शुरुआत, असाधारण जीवन
NTR का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था. बचपन में उन्होंने दूध बेचने का काम किया. आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की.
NTR की मृत्यु और लक्ष्मी पार्वती की भूमिका
NTR का 18 जनवरी 1996 को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. उनकी अस्थियां लक्ष्मी पार्वती ने 2004 में श्रीरंगपट्टनम में विसर्जित कीं, जब चंद्रबाबू नायडू चुनाव हार गए थे. आज लक्ष्मी पार्वती YSR कांग्रेस पार्टी से जुड़ी हुई हैं और हैदराबाद में रहती हैं.
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