वास्तु शास्त्र, भारतीय परंपरा में घर और भवन निर्माण से जुड़ी एक प्राचीन विद्या है। इसके अनुसार हर दिशा, तत्व और स्थान विशेष ऊर्जा उत्पन्न करता है। जब किसी घर या स्थान में निर्माण या सजावट के नियमों का उल्लंघन होता है — जैसे कि शौचालय का गलत स्थान, रसोईघर की दिशा या मुख्य द्वार का दोष — तब उसे वास्तु दोष कहा जाता है।
यह दोष न सिर्फ मानसिक तनाव, बीमारियों और पारिवारिक कलह का कारण बन सकता है, बल्कि आर्थिक परेशानियों और करियर में रुकावट का संकेत भी हो सकता है।
⚠️ कैसे पहचानें कि आपके घर में वास्तु दोष है?
यदि आपके घर में निम्नलिखित समस्याएं लगातार बनी हुई हैं, तो यह वास्तु दोष का संकेत हो सकता है:
- घर में अक्सर बीमारियाँ होना
- धन का रुक जाना या खर्च बढ़ जाना
- बार-बार झगड़े और मतभेद
- नींद न आना या बेचैनी
- बच्चों का पढ़ाई में ध्यान न लगना
- बिना कारण डर, चिंता या नकारात्मकता
🧿 वास्तु दोष के सरल और असरदार उपाय (बिना तोड़फोड़ के)
आजकल फ्लैट और रेडीमेड घरों में वास्तु दोष सामान्य हैं। मगर राहत की बात यह है कि इन्हें बिना किसी निर्माण परिवर्तन के भी दूर किया जा सकता है:
1. मिरर प्लेसमेंट सही करें
गलत दिशा में लगे मिरर ऊर्जा को उल्टा कर सकते हैं। उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं।
2. कछुआ और क्रिस्टल बॉल रखें
उत्तर दिशा में धातु का कछुआ और ड्राइंग रूम में क्रिस्टल बॉल सकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं।
3. पवित्र यंत्र और मंत्र
श्रीयंत्र, वास्तु दोष निवारण यंत्र, और महामृत्युंजय मंत्र का जाप रोज करें।
4. विंड चाइम और घंटी का प्रयोग
ध्वनि के माध्यम से ऊर्जा संतुलन बनता है। इन्हें मुख्य द्वार या बालकनी में टांगें।
5. साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था
ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को साफ, हल्का और रोशनी वाला रखें।
6. नमक का उपाय
पानी में समुद्री नमक डालकर पोंछा लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
🌟 घर को ऊर्जा से भरने के लिए अपनाएं ये अतिरिक्त उपाय
- तुलसी का पौधा उत्तर-पूर्व दिशा में रखें
- घर में नियमित धूप और दीपक जलाएं
- मुख्य द्वार को सजाएं और उसे हर शुक्रवार धोकर हल्दी जल से पोछें
- समय-समय पर घर की ऊर्जा के लिए गंगाजल का छिड़काव करें





