Ceasefire Exposed: ऑपरेशन सिंदूर पर विक्रम मिश्री का बड़ा खुलासा: शांति के लिए अमेरिका नहीं, पाकिस्तान ने मांगी थी भीख!

vikram Misri

ईरान-इज़राइल जंग और ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि में अमेरिका की मध्यस्थता की खबरों पर भारत ने बड़ा बयान दिया है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से साफ-साफ कह दिया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच न तो किसी ट्रेड डील की बात हुई और न ही अमेरिका की किसी तरह की मध्यस्थता स्वीकार की गई।

उन्होंने कहा कि, “पूरे घटनाक्रम के दौरान भारत-अमेरिका के बीच किसी व्यापारिक समझौते या अमेरिका द्वारा भारत-पाक के बीच सुलह की कोई बातचीत नहीं हुई। पाकिस्तान की अपील पर ही भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष खत्म करने की बातचीत शुरू हुई थी, वो भी दोनों सेनाओं के बीच स्थापित मौजूदा चैनलों के जरिए।इस बयान के आते ही यह स्पष्ट हो गया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की रणनीति पूरी तरह आत्मनिर्भर और राष्ट्रहित में थी।

ऑपरेशन सिंदूर के बीच बोले थे ट्रंप: ‘मैंने ही रोका भारत-पाक युद्ध’

इज़रायल-ईरान टकराव के बीच जब भारत ने पाकिस्तान की सीमा पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, तब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया था। उन्होंने कहा कि अगर मैं बीच में न आता, तो भारत और पाकिस्तान के बीच बड़ा युद्ध छिड़ जाता। ट्रंप ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पे लिखा था कि उन्होंने ही सीज़फायर के लिए दोनों देशों को मनाया था। हालांकि भारतीय रक्षा सूत्रों ने इसे खारिज कर दिया था और कहा था कि यह भारत की सर्जिकल स्ट्रैटेजी और कूटनीति का नतीजा था, न कि किसी विदेशी हस्तक्षेप का।

अजय राय का हमला, बोले “ट्रंप को ज़्यादा प्यारे हैं पाकिस्तानी जनरल!”

विक्रम मिश्री के बयान के बाद राजनीतिक गलियारे में बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

अजय राय ने कहा, “अगर मोदी जी और ट्रंप के बीच आधे घंटे की बात हुई, तो उसकी दुनिया को खुदबखुद जानकारी हो जाती। लेकिन जब विदेश सचिव को सफाई देनी पड़े, तो साफ है कि बात में दम नहीं है… मोदी सरकार को सफाई देनी पड़ रही है, और दूसरी ओर पाकिस्तान के आर्मी चीफ को ट्रंप लंच पर बुला रहे हैं।”

उन्होंने जोर देकर कहा, “सवाल यह है कि ट्रंप किसे ज़्यादा अहमियत दे रहे हैं? भारत को या पाकिस्तान को? सच्चाई खुद बोल रही है।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी और पाकिस्तान की भूमिका को लेकर बहस तेज हो गई है।

पाकिस्तान का चेहरा बचाने की कोशिश या अमेरिका की दिखावटी कूटनीति?”

पाकिस्तान ने अमेरिका को बीच में खड़ा कर अपने घरेलू दर्शकों को यह दिखाने की कोशिश की कि उसने “बड़े देशों” के ज़रिए भारत पर दबाव डलवाया। वहीं, अमेरिका इस तनावपूर्ण समय में खुद को मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत कर अपने अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को पुनर्स्थापित करना चाहता था।

यह भी पढ़ें: Ahamdabad Plane Crash:टेक-ऑफ के तुरंत बाद एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त, पीएम मोदी और अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने जताया शोक

The Ink Post Hindi: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Linkedin, Facebook, X और Instagram पर फॉलो कीजिए. Aaj Ki Baat: Facebook | Instagram | LinkedIn

Author

Scroll to Top