भारत ने पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय 2 मई को भारत के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के माध्यम से लिया गया। इस अधिसूचना के मुताबिक, विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2023 में एक नया प्रावधान जोड़ा गया है, जिसके तहत पाकिस्तान से किसी भी प्रकार के सामान का आयात या निर्यात फिलहाल के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
पाकिस्तान को घेरने की नई कूटनीतिक रणनीति
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। भारत ने सिंधु जल संधि रद्द करने के बाद पाकिस्तान के नेताओं को कड़ी प्रतिक्रिया दी। शुरू में पाकिस्तान ने गीदड़भभकी दी, लेकिन भारत ने इसे नजरअंदाज किया और इसके बाद पश्चिमी देशों के समर्थन की उम्मीद में पाकिस्तान ने यूएन में इस मुद्दे को उठाया।
पाकिस्तान के खिलाफ भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत ने पाकिस्तान को पूरी दुनिया में अलग-थलग करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोपीय संघ की विदेश मंत्री काजा कल्लस से बातचीत के दौरान पाकिस्तान के आतंकवादी हमलों और हिन्दू समुदाय के खिलाफ की गई बर्बरता के बारे में जानकारी दी। यूरोपीय संघ ने इस मामले में संयम रखने की बात तो कही, लेकिन भारत की कड़ी प्रतिक्रिया और पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए कदमों पर चुप्पी साधी।
अमेरिका और यूरोप से पाकिस्तान पर दबाव
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और पाकिस्तान से पहलगाम आतंकी हमले के बाद तनाव कम करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की थी। इस पर यूरोपीय संघ ने दोनों देशों से संयम रखने का सुझाव दिया। हालांकि, भारत ने अपने कदमों से साफ कर दिया है कि पाकिस्तान को किसी भी रूप में छोड़ने की योजना नहीं है।
रूस-भारत संबंधों पर भी हुई चर्चा
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच सामरिक और कूटनीतिक सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की गई। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास आई है। भारत ने पाकिस्तान को इस हमले का जिम्मेदार ठहराया है, जबकि पाकिस्तान ने इन आरोपों से इंकार किया है और सबूत मांगने की बात की है।
भारत-पाकिस्तान तनाव: युद्ध की स्थिति से बचने के लिए चर्चा की आवश्यकता
पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बावजूद भारत ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की कोशिश की है। भारत ने स्पष्ट रूप से दिखा दिया है कि वह पाकिस्तान से किसी भी तरह के समझौते या अपील के बजाय कड़े कदम उठाने के लिए तैयार है।





