ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सैन्य और रणनीतिक तौर पर बड़ा झटका दिया है। आतंकी ठिकानों के तबाह होने और सैन्य विफलताओं के बाद अब पाकिस्तान भारत के कुछ महत्वपूर्ण डिजिटल ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है।
CERT-In ने जारी की चेतावनी, महत्वपूर्ण संस्थानों को किया गया अलर्ट
कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने देश के अहम वित्तीय और संवेदनशील संस्थानों को साइबर हमलों के खिलाफ अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। यह खतरा खास तौर पर उन जगहों पर मंडरा रहा है जो राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े हैं।
सरकार की सतर्कता: प्राइवेट सेक्टर भी रडार पर
सरकार अब सिर्फ सरकारी नहीं, बल्कि निजी संस्थानों की साइबर सुरक्षा को भी गंभीरता से ले रही है। सभी क्षेत्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने नेटवर्क और सर्वर को मजबूत बनाएं ताकि पाकिस्तान किसी भी डिजिटल दीवार को भेद न सके।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ी साइबर सतर्कता
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने साइबर सुरक्षा को लेकर चौकसी बढ़ा दी थी। CERT-In ने अब बैंकों समेत तमाम अहम संस्थानों को संभावित साइबर खतरे से निपटने के लिए अलर्ट किया है।
DDoS अटैक के जरिए वेबसाइटों को निशाना बना रहा है दुश्मन
पाकिस्तानी हैकर्स DDoS (डिस्ट्रिब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस) हमलों के जरिए भारतीय वेबसाइटों पर भारी ट्रैफिक भेजकर उन्हें डाउन करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे वेबसाइट का नियंत्रण खोने और डेटा लीक होने का खतरा बढ़ जाता है।
सरकारी वेबसाइटों को बना चुके हैं निशाना
हाल के दिनों में पाकिस्तान से संचालित कुछ हैकर्स ने भारत के सरकारी विभागों की वेबसाइटों को हैक कर उनका इस्तेमाल गलत सूचनाएं और प्रोपेगैंडा फैलाने में किया। राजस्थान सरकार की एक वेबसाइट को भी हाल ही में निशाना बनाया गया था।
साइबर सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए सरकार की तैयारी
सरकार नैस्कॉम जैसे संगठनों के साथ मिलकर एक बड़ा साइबर अलर्ट सिस्टम तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य दुश्मन के किसी भी डिजिटल हमले से देश को तुरंत और प्रभावी तरीके से बचाना है।





