Bangladesh Crisis: बांग्लादेश की सियासी उठापटक अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. विश्व प्रसिद्ध नोबेल पुरस्कार विजेता और अंतरिम सरकार के मुखिया प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस की गिरफ़्तारी की अटकलें तेज़ हो गई हैं. सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मान और यूनुस के बीच चल रही तनातनी अब खुलकर सामने आ गई है.
सेना और अस्थायी सरकार के बीच बढ़ता तनाव (Bangladesh Crisis)
हाल के हफ्तों में अंतरिम सरकार और सेना के बीच मतभेद तेजी से बढ़े हैं. वर्ष 2009 में 57 सेना अधिकारियों और 16 अन्य लोगों की हत्या में दोषी ठहराए गए करीब 300 विद्रोहियों को रिहा किया जाना सेना के लिए झटका साबित हुआ. यूनुस के नेतृत्व में हुई इस रिहाई को सेना ने “न्याय के साथ धोखा” करार दिया है.
विदेशी दखल ने और भड़काया मामला
सेना का गुस्सा तब और बढ़ा जब यूनुस के सैन्य सलाहकार जनरल कमरुल हसन ने हाल ही में अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स ट्रेसी ऐन जैकब्सन से मुलाकात की. सेना का मानना है कि यह मुलाकात जनरल ज़मान को हटाने की किसी विदेशी साजिश का हिस्सा हो सकती है. यह राष्ट्र की संप्रभुता के खिलाफ सीधा हमला माना जा रहा है, जैसा कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी सेंट मार्टिन द्वीप मामले में कहा था.
जनरल ज़मान की पहले से थी चेतावनी
23 जून 2024 को जनरल ज़मान ने सेना प्रमुख का पद संभाला था, और कुछ ही दिनों बाद छात्र आंदोलन ने बांग्लादेश की राजनीति को हिला दिया था. उस समय शेख हसीना ने देश छोड़ दिया और यूनुस को अंतरिम प्रमुख नियुक्त किया गया. ज़मान की नियुक्ति पर भारत की खुफिया एजेंसियों ने आपत्ति जताई थी — स्वास्थ्य कारणों और पाकिस्तान-समर्थक रुख को लेकर. लेकिन हसीना ने अपने पारिवारिक संबंधों के चलते ज़मान पर भरोसा जताया — ज़मान की पत्नी सरहनाज़ रहमान, पूर्व आर्मी चीफ मुस्तफ़िज़ुर रहमान की बेटी और हसीना की रिश्तेदार हैं.
इस्तीफ़ा या गिरफ़्तारी? फैसला निकट
द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक यूनुस ने हाल ही में एक उच्च-स्तरीय बैठक में इस्तीफ़ा देने की इच्छा जताई. नेशनल सिटीजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम, जिन्हें यूनुस के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है, ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि यूनुस वास्तव में इस्तीफ़ा पर विचार कर रहे हैं.
लेकिन सूत्रों का मानना है कि इस्तीफ़ा ही अंतिम विकल्प नहीं होगा. अगर सेना को यूनुस के खिलाफ विदेशी साज़िश या सुरक्षा उल्लंघन के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो गिरफ़्तारी भी हो सकती है.
सड़कों पर जनता का गुस्सा
देशभर में प्रदर्शन जारी हैं. आरक्षण, भ्रष्टाचार, और यहां तक कि आवामी लीग पर बैन लगाने की मांग को लेकर. इस जन असंतोष के बीच जनरल ज़मान को राष्ट्रवादी नेता के रूप में समर्थन मिलता दिख रहा है.
एक और सत्ता परिवर्तन की ओर बांग्लादेश?
कहना जल्दबाज़ी हो सकता है कि ज़मान तख्तापलट की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन यह कहना अब मुमकिन है कि वह यूनुस को सत्ता में नहीं देखना चाहते. यदि यूनुस ने इस्तीफ़ा दिया या उन्हें गिरफ़्तार किया गया, तो बांग्लादेश में एक और ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन संभव है.
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