Iran and Israel War: “MIGA – Make Iran Great Again”, ईरान में तख्तापलट करवाना चाहते ट्रंप

Iran and Israel War

Iran and Israel War: ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद अब वॉशिंगटन की मंशा को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा किया है, जबकि उनके प्रशासन के अन्य अधिकारी इससे इनकार कर रहे हैं. ऐसे में अमेरिकी रणनीति को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई है, वहीं रूस और चीन ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा ऐतराज जताया है.

“MIGA – Make Iran Great Again”

रविवार सुबह ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हवाई हमलों के कुछ ही घंटों बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक बयान देते हुए कहा. शासन परिवर्तन की बात राजनीतिक रूप से सही न हो, लेकिन अगर मौजूदा सरकार ईरान को फिर से महान नहीं बना सकती, तो फिर बदलाव क्यों नहीं? ट्रंप ने इस बयान के साथ MIGA (Make Iran Great Again) का नारा भी दिया, जो स्पष्ट संकेत है कि अमेरिका अब ईरान की सत्ता पर सीधी टिप्पणी करने लगा है. यही नारा ट्रंप ने 2016 में अमेरिका के लिए “MAGA” के रूप में इस्तेमाल किया था.

प्रशासन के विरोधाभासी रुख

राष्ट्रपति के बयान से ठीक पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मीडिया को बताया कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले का उद्देश्य शासन परिवर्तन नहीं है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस सैन्य कार्रवाई को “दबाव की रणनीति” बताते हुए कहा कि इससे ईरान को फिर से बातचीत की मेज़ पर लाने का रास्ता बन सकता है. इन बयानों से साफ है कि अमेरिकी सरकार की ओर से स्पष्ट नीति की कमी दिखाई दे रही है. कुछ हिस्सों में हमले को कूटनीतिक हथकंडा बताया जा रहा है, तो कुछ स्तरों पर सत्ता परिवर्तन की चर्चा की जा रही है.

अमेरिका में भीतर ही उठा विरोध

ट्रंप प्रशासन के इस निर्णय को लेकर अमेरिका के भीतर भी विरोध के स्वर तेज हो गए हैं. कई सांसदों ने हवाई हमलों पर सवाल उठाए हैं. सोशल संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने हमले को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है. अमेरिका के विभिन्न शहरों में युद्ध विरोधी प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे हैं.

रूस और चीन ने जताया कड़ा विरोध

ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी आक्रोश दिखाई दे रहा है. रूस के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा हम ईरान की परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं और सभी पक्षों से तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील करते हैं. चीन ने भी इस हमले को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा अमेरिका का यह कदम IAEA की निगरानी में चल रही परमाणु गतिविधियों पर सीधा हमला है और इससे वैश्विक स्थिरता को गहरा आघात लग सकता है.

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  • Akash Singh

    पत्रकारिता के इस क्षेत्र में पांच सालों में काफी कुछ सीखने मिला. खबरों को सटीक और सरलता से समझने का हुनर. राजनीति करने का नहीं लिखने का शौक. निरंतर नई चीजें सीखने का प्रयास और उसपर अमल करना यह सिलसिला यूं ही आगे भी चलता रहेगा.

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