Israel and Iran War: लगभग दो हफ्तों तक चले तीव्र संघर्ष के बाद मंगलवार सुबह ईरान और इजरायल के बीच आखिरकार युद्धविराम हो गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित इस सीजफायर ने दोनों देशों को राहत की सांस जरूर दी है, लेकिन जमीनी हालात अब भी तनाव से भरे हुए हैं. इस टकराव में जान-माल की भारी क्षति हुई, खासतौर पर इजरायल में तबाही का मंजर अधिक भयावह रहा.
बेरूत में जश्न, ट्रंप का अपमानजनक पोस्टर
युद्धविराम की घोषणा के साथ ही लेबनान की राजधानी बेरूत में एक अलग ही माहौल देखने को मिला. शहर के दक्षिणी इलाके दहीयेह में, जो हिज़्बुल्लाह का गढ़ माना जाता है, ईरान की “जीत” का जश्न खुलेआम मनाया जा रहा है. यहां लगे बैनरों में इजरायल की हार का दावा किया गया है. इतना ही नहीं, एक बड़े पोस्टर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के सामने घुटनों पर बैठे हुए दिखाया गया है.
इजरायल में भारी नुकसान, टैक्स विभाग का खुलासा
इजरायल की टैक्स अथॉरिटी के अनुसार, ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने इस बार जितनी संपत्ति नष्ट की है, वह 7 अक्टूबर 2023 के बाद के हमास, हिज़्बुल्लाह और हूथी हमलों से अधिक है. अब तक 40,000 से ज्यादा नागरिक मुआवजे के लिए आवेदन कर चुके हैं, और यह संख्या 50,000 से पार जा सकती है. इनमें कई औद्योगिक इकाइयां और रिहायशी इमारतें भी शामिल हैं.
ईरान की मिसाइल और ड्रोन ताकत
इजरायली सैन्य सूत्रों के मुताबिक, संघर्ष के दौरान ईरान ने 550 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और करीब 1,000 ड्रोन भेजे. इनमें से ज्यादातर मिसाइलों को ‘आयरन डोम’ और अन्य एंटी-एयर डिफेंस सिस्टम ने नष्ट कर दिया, लेकिन जो मिसाइलें बच निकलीं, उन्होंने भीषण तबाही मचाई. इमारतें तबाह हुईं, खिड़कियां उड़ीं और विस्फोटक वारहेड्स ने भारी नुकसान पहुंचाया. अनुमान है कि कुल नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को करीब 5 अरब न्यू शेकेल (लगभग 1.47 अरब डॉलर) मुआवजा देना पड़ सकता है.
ईरान की ओर से बातचीत का संकेत, चेतावनी भी
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक बयान में कहा कि उनका देश कूटनीति के लिए हमेशा तैयार है. उन्होंने साफ किया कि ईरान परमाणु हथियारों की दिशा में नहीं बढ़ना चाहता, लेकिन वह अपने रणनीतिक हितों से कोई समझौता नहीं करेगा. उन्होंने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा कि दबाव की राजनीति अब काम नहीं आएगी.
‘आयरन डोम’ की सीमाएं उजागर
इस संघर्ष ने जहां ईरान की मिसाइल क्षमताओं को दुनिया के सामने फिर से उजागर किया, वहीं इजरायल की डिफेंस टेक्नोलॉजी ‘आयरन डोम’ की भी सीमाएं दिखा दीं. सवाल यह उठ रहे हैं कि इतनी सख्त सुरक्षा प्रणाली होने के बावजूद भी मिसाइलें कैसे शहरों तक पहुंच गईं और इतना बड़ा नुकसान हुआ.
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