Strict rules guidelines naming baby: ट्रंप पगला गए! बच्चों के इन 10 नामों पर लगाई रोक; जानें क्यो?

Strict rules guidelines naming baby

Strict rules guidelines naming baby: ट्रंप पगला गए! बच्चों के इन 10 नामों पर लगाई रोक; जानें क्यो?दुनिया में हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे का नाम सबसे अलग और खास हो. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ देशों में नाम रखने पर भी सख्त कानूनी नियम लागू होते हैं? खासकर अमेरिका में, जहां कुछ नामों को बच्चों के लिए रखना पूरी तरह से बैन है. अगर आप ऐसा नाम चुनते हैं, तो हो सकता है कि आपके बच्चे का नाम सरकारी दस्तावेजों में स्वीकार ही न हो.

अमेरिका में नाम रखने के सख्त नियम

अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में बच्चों के नाम को लेकर अलग-अलग कानून बनाए गए हैं. उदाहरण के तौर पर, कैलिफोर्निया में आप बच्चे के नाम में सिर्फ A से Z तक के 26 अंग्रेजी अक्षरों का ही इस्तेमाल कर सकते हैं. किसी भी नाम में खास चिन्ह जैसे @, #, या ऐसे उच्चारण वाले अक्षर जैसे è, ñ, á आदि का इस्तेमाल वहां पर गैरकानूनी है.

अमेरिका में प्रतिबंधित नामों की लिस्ट:

  • King (राजा)
  • Queen (रानी)
  • Jesus Christ
  • III (तीसरा)
  • Santa Claus
  • Majesty
  • Adolf Hitler
  • Messiah
  • @ (ऐट द रेट)
  • 1069

इन नामों पर रोक धार्मिक संवेदनशीलता, सामाजिक विवाद, या तकनीकी कारणों से लगाई गई है. अमेरिका का मानना है कि ऐसे नाम समाज में भ्रम, विवाद या बच्चे के साथ भविष्य में भेदभाव का कारण बन सकते हैं.

दूसरे देशों में भी हैं नामों पर सख्त नियम

केवल अमेरिका ही नहीं, जापान और न्यूजीलैंड जैसे देशों में भी बच्चों के नामों को लेकर अजीब और कड़े कानून हैं.

जापान में:

‘डेविल’ (Devil), ‘पिकाचु’ (Pikachu) जैसे नाम पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं. जापान में सरकार का मानना है कि बच्चों को ऐसे नाम देना, जो उन्हें भविष्य में उपहास या अपमानित करवा सकते हैं, पूरी तरह गलत है.

न्यूजीलैंड में:

न्यूजीलैंड ने 2024 में 40 से अधिक ऐसे नामों की लिस्ट जारी की, जिन्हें रजिस्टर करने की अनुमति नहीं दी गई. इनमें ‘King’, ‘Prince’, ‘Princess’ जैसे शाही टाइटल वाले नाम भी शामिल हैं. सरकार का कहना है कि माता-पिता को नाम रखते समय इसके सामाजिक प्रभाव और बच्चों पर पड़ने वाले मानसिक असर का ध्यान रखना चाहिए.

नाम: एक जीवनभर की पहचान

नाम सिर्फ एक शब्द नहीं होता, बल्कि यह जीवनभर की पहचान होती है. न्यूजीलैंड सरकार के शब्दों में, ‘नाम एक उपहार है जो जीवनभर साथ रहता है.’ इसलिए नाम चुनते समय केवल अनोखा दिखने की कोशिश न करें. ऐसा नाम रखें जो आपके बच्चे को गर्व दे, न कि शर्मिंदगी या कानूनी परेशानी.

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Author

  • Akash Singh

    पत्रकारिता के इस क्षेत्र में पांच सालों में काफी कुछ सीखने मिला. खबरों को सटीक और सरलता से समझने का हुनर. राजनीति करने का नहीं लिखने का शौक. निरंतर नई चीजें सीखने का प्रयास और उसपर अमल करना यह सिलसिला यूं ही आगे भी चलता रहेगा.

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